निर्माण श्रमिकों के 200 मेधावी बच्चों का होगा सम्मान, 1.45 लाख श्रमिकों को मिलेगी ₹39.67 करोड़ की सहायता

रायपुर, 23 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ सरकार निर्माण श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा और श्रमिक परिवारों के कल्याण को बढ़ावा देने के लिए 24 अगस्त को राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत होने वाले इस समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल होंगे।
क्या है कार्यक्रम?
राज्य स्तरीय सम्मान समारोह 24 अगस्त को दोपहर 12 बजे रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित होगा। कार्यक्रम में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के मेधावी बच्चों को उनकी शैक्षणिक और खेल प्रतिभा के लिए सम्मानित किया जाएगा।
इस अवसर पर 2026-27 में कक्षा 6वीं में नवप्रवेशित 200 प्रतिभावान विद्यार्थियों का भी सम्मान होगा।
अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना क्या है?
यह योजना पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। योजना के माध्यम से बच्चों की शैक्षणिक प्रतिभा और खेल उपलब्धियों को प्रोत्साहित किया जाता है, ताकि श्रमिक परिवारों के बच्चे आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद अपनी पढ़ाई और करियर में आगे बढ़ सकें।
1,45,841 श्रमिकों को मिलेगी आर्थिक सहायता
कार्यक्रम का दूसरा बड़ा हिस्सा श्रमिक कल्याण से जुड़ा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय 18 श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं के तहत 1,45,841 पंजीकृत श्रमिकों को कुल ₹39.67 करोड़ की सहायता राशि DBT के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर करेंगे।
इसका मतलब है कि पात्र श्रमिकों को सहायता राशि सीधे बैंक खाते में मिलेगी, जिससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और लाभार्थियों तक राशि सीधे पहुंच सकेगी।
किन क्षेत्रों में मिलेगा लाभ?
इन श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से पात्र परिवारों को अलग-अलग योजनाओं के तहत सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आर्थिक सहायता का लाभ मिलता है।
कौन-कौन होंगे मौजूद?
कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह करेंगे। श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन अतिविशिष्ट अतिथि और छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
क्यों महत्वपूर्ण है यह कार्यक्रम?
इस कार्यक्रम में एक तरफ श्रमिक परिवारों के मेधावी बच्चों को सम्मान और प्रोत्साहन मिलेगा, वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में पंजीकृत श्रमिकों को सीधे आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस तरह कार्यक्रम का फोकस श्रमिक परिवारों की आर्थिक सुरक्षा के साथ बच्चों की शिक्षा और प्रतिभा को बढ़ावा देने पर है।


