राजनीति

कौन हैं दीपक म्हस्के? केमिस्ट्री के प्रोफेसर से BJP की राष्ट्रीय सोशल मीडिया जिम्मेदारी तक का सफर

रायपुर से राष्ट्रीय राजनीति के डिजिटल मंच तक पहुंचने वाले दीपक म्हस्के इन दिनों चर्चा में हैं। भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें पार्टी की राष्ट्रीय सोशल मीडिया की जिम्मेदारी सौंपी है। इससे पहले यह जिम्मेदारी लंबे समय तक अमित मालवीय के पास रही थी। लेकिन आखिर कौन हैं दीपक म्हस्के और एक केमिस्ट्री प्रोफेसर से भाजपा के राष्ट्रीय डिजिटल संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी तक उनका सफर कैसे तय हुआ?

रायपुर से शुरू हुआ सफर

58 वर्षीय दीपक म्हस्के छत्तीसगढ़ के रायपुर से हैं। उन्हें भाजपा के पहली पीढ़ी के नेताओं में बताया जाता है। उन्होंने अब तक कोई चुनाव नहीं लड़ा, लेकिन संगठन के भीतर लंबे समय तक काम करते हुए अपनी अलग पहचान बनाई।

कभी कॉलेज में पढ़ाते थे केमिस्ट्री

राजनीतिक और डिजिटल क्षेत्र में पहचान बनाने से पहले म्हस्के ने कई वर्षों तक एक कॉलेज में केमिस्ट्री के प्रोफेसर के रूप में काम किया। विज्ञान की पढ़ाई और अध्यापन से शुरू हुआ उनका करियर आगे चलकर राजनीति, डेटा और डिजिटल कम्युनिकेशन से जुड़ गया।

शिक्षण के अनुभव ने उन्हें विश्लेषण और तथ्यों के साथ काम करने की क्षमता दी, जिसका इस्तेमाल उन्होंने बाद में संगठनात्मक और चुनावी कामों में किया।

15 साल से भाजपा की IT और सोशल मीडिया टीम से जुड़े

दीपक म्हस्के पिछले करीब 15 वर्षों से भाजपा के IT और सोशल मीडिया सेल से जुड़े रहे हैं। इस दौरान उन्होंने पार्टी के डिजिटल अभियानों और चुनावी रणनीतियों में काम किया।

बिहार, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल समेत कई विधानसभा चुनावों में उन्होंने भाजपा के सोशल मीडिया अभियानों में भूमिका निभाई। चुनावी काम के दौरान डेटा कलेक्शन और डेटा एनालिसिस में उनकी रुचि भी सामने आई।

सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा अनुभव

म्हस्के का अनुभव केवल डिजिटल मीडिया तक सीमित नहीं है। वे पहले छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता भी रह चुके हैं। इसके अलावा वे छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन में कैबिनेट मंत्री स्तर के पद पर कार्यरत रहे हैं।

उन्होंने केंद्र सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधीन इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड के बोर्ड में गैर-सरकारी/स्वतंत्र निदेशक के रूप में भी काम किया है।

खेती और ऑर्गेनिक फार्मिंग से भी नाता

दीपक म्हस्के का परिवार खेती से जुड़ा है। उन्हें खुद भी फसलों और ऑर्गेनिक फार्मिंग का दशकों का अनुभव बताया जाता है। यानी उनका अनुभव शिक्षा से लेकर कृषि, प्रशासन, डेटा और राजनीति तक अलग-अलग क्षेत्रों में रहा है।

कैसे मिली इतनी बड़ी जिम्मेदारी?

भाजपा की IT और सोशल मीडिया टीम में करीब डेढ़ दशक का अनुभव, विभिन्न राज्यों के चुनावी अभियानों में काम, डेटा और डिजिटल कम्युनिकेशन की समझ तथा संगठन में निभाई गई अलग-अलग जिम्मेदारियां—इन सबने म्हस्के को राष्ट्रीय स्तर की भूमिका के लिए तैयार किया।

14 अगस्त को उन्होंने दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से भी मुलाकात की थी। इसके बाद उन्हें राष्ट्रीय सोशल मीडिया की जिम्मेदारी मिलने से उनकी भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है।

केमिस्ट्री की क्लास से भाजपा के डिजिटल मंच तक

दीपक म्हस्के की कहानी इस मायने में अलग है कि उनका सफर सीधे राजनीति से शुरू नहीं हुआ। कॉलेज में केमिस्ट्री पढ़ाने वाले शिक्षक से लेकर भाजपा की राष्ट्रीय सोशल मीडिया व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका तक पहुंचना उनके लंबे संगठनात्मक अनुभव और बदलते डिजिटल दौर के साथ खुद को ढालने की क्षमता को दर्शाता है।

अब राष्ट्रीय स्तर पर उनकी नई जिम्मेदारी के साथ यह देखना दिलचस्प होगा कि रायपुर से निकला यह चेहरा भाजपा के डिजिटल कम्युनिकेशन को किस दिशा में आगे ले जाता है।

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